❤️श्री राधा श्यामसुंदर❤️

 
❤️श्री राधा श्यामसुंदर❤️
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मेरे तू जिय में बसत नवल प्रिय प्राण प्यारी । तेरेई दरस परस राग रंग उपजत, मान न कीजै हौ हौ री ।। तू ही जीवन तू ही प्राण तू ही सकल गुण निधान । तो समान और नाहिन मोको हितकारी ।। ‘व्यास’ की स्वामिनी तेरी ही माया ते पायो नाम बिहारी ।। - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी श्री कृष्ण कहते हैं श्री राधा रानी से, हे नित्य नवेली, मेरी प्रिय प्राण प्यारी जू, मेरे हृदय में तो केवल आप बसी हो । आपके दर्शन एवं स्पर्श से मुझे राग एवं रंग, रस (पूर्णता) की अनुभूति होती है, स्वामिनी कृपया मुझसे मान न कीजिए। आप ही मेरा जीवन हो, आप ही मेरी प्राण हो, आप ही केवल समस्त गुणों की खान हो। आपके समान ऐसा विश्व में कोई भी नहीं है जो मेरा हितकारी है क्यूंकि केवल आप ही मेरा सुख जानती हो एवं पूर्ण करती हो। आपसे बढ़कर मुझे और कोई सुख नहीं देता। श्री हरिराम व्यास जी महाराज कहते हैं कि, "श्री कृष्ण बोले, हे श्री बिहारिणी आपकी कृपा एवं बल से ही मैंने बिहारी नाम पाया है, जिससे हमें लोग बिहारीजी के नाम से जानते हैं"। ('बिहारी - जो नित्य ही विहार करते हैं') । (Raag Purvi) Mere Tu Jiya Me Basat Naval Priya Praan Pyaari. Terei Daras Paras Raag Rang Upajat, Maan Na Keejai Hau Hau Ri. Tu Hi Jeevan Tu Hi Praan, Tu Hi Sakal Gun Nidhaan. To Samaan Aur Naahin Moko Hitkaari. ‘Vyaas’ Ki Swamini Teri Hi Maya Te Payo Naam Bihari. - Shri Hariram Vyas (Vishakha Avtaar) - Vyas Vani Shri Krishna says: O my Beloved Radha, more dear to me than my life, source of ever-new love! You alone live in my heart. Your sight and your touch are what inspire my affection, my melodies, my colour, my style. Please, I beg you, do not do ‘Mana' (love annoyance) with me. You are my life and my soul. You alone are the ocean of all the good attributes. There is no one who fulfills all the desires of my heart as you do. It is through your strength and grace alone, Oh Nitya Biharini, that I am known as ‘Bihari’ (One who do ‘Nitya Vihar’).
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